ष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी
परिषद (एबीवीपी) ने गुरूवार को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के
चुनाव परिणाम में अध्यक्ष समेत तीन पदों पर कब्जा कर लिया। कांग्रेस की
छात्र इकाई एनएसयूआई को केवल एक पद से संतोष करना पड़ा है। एबीवीपी की
अंकिव बसोया ने 1744 मतों के अंतर से अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है। इसी
संगठन के शक्ति सिंह को उपाध्यक्ष घोषित किया गया है। उन्होंने 7673 मतों
के अंतर से जीत हासिल की है। एनएसयूआई के आकाश चौधरी सचिव पद पर जीतने में
कामयाब रहे वहीं संयुक्त सचिव पद एबीवीपी की ज्योति को मिला है।
इससे पहले दोपहर के वक्त ईवीएम में खराबी और छात्रों के भारी हंगामे के चलते मतगणना का काम स्थगित कर दिया गया था। जब वोटों की गिनती स्थगित की गई तब के सन्नी छिल्लर अध्यक्ष पद पर और के ही आकाश चौधरी सेक्रेटरी पद पर आगे चल रहे थे। के सदस्यों ने काउंटिंग सेंटर के बाहर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष पर पीछे चल रही है इसलिए प्रशासन रिजल्ट में छेड़छाड़ की कोशिश कर रहा है। चुनाव आयुक्त प्रो. वीके कौल ने कहा की अभी मतगणना स्थगित की जा रही है। हमने सभी संगठनों का ज्ञापन लिया है। मतगणना अगले आदेश तक स्थगित रहेगी।
ने की मतगणना फिर से शुरू करने की मांग
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक के शक्ति सिंह ने कहा कि सिर्फ एक में खराबी थी, इसे रिपेयर किया जा सकता था। हम चाहते है कि काउंटिंग फिर से शुरू हो। हम जैसे ही सभी सीटों पर आगे हुए, अन्य पार्टियां फिर से चुनाव कराए जाने की मांग करने लगी।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक के रॉकी तुसीद ने कहा कि ये चुनाव केंद्र सरकार की ओर से हो रहे हैं। ईवीएम के साथ छेड़खानी की गई है। हम फिर से चुनाव चाहते हैं। रारम्भिक रुझान में एनएसयूआई और एबीवीपी में अध्यक्ष पद पर टक्कर दिख रही थी। हालांकि, एनएसयू अध्यक्ष और सचिव के पद पर आगे चल रही है। बुधवार को हुए दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में तीन साल बाद मतदान का रिकॉर्ड टूटा। 43.8% छात्रों ने अपने वोट का इस्तेमाल किया। इससे पहले 2014 के डूसू चुनाव में 44.3 फीसदी मतदान हुआ था।ष्मीबाई कॉलेज में सबसे कम केवल13 फीसदी मतदान हुआ। डीयू में शुरू में सभी कॉलेजों में मतदान धीरे शुरू हुआ, लेकिन बाद में न केवल नार्थ कैंपस में बल्कि साउथ कैंपस के भी अधिकांश कॉलेजों में 35 फीसदी से अधिक वोटिंग हुई।
08:30 AM: 2014 में 44.3 फीसदी मत पड़े थे। हालांकि, यह भी कटु सत्य है कि पिछले 10-11 साल से डीयू 50 प्रतिशत मतदान के लिए तरस रहा है। चुनाव के मद्देनजर सुबह से ही कॉलेजों के बाहर काफी संख्या में छात्र-छात्राएं मतदान करने के लिए पहुंचने लगे थे। वहीं, चुनाव की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस के जवानों ने नॉर्थ कैंपस के अधिकतर रास्तों की बैरिकेडिंग कर रख थी।
08:00 AM: ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया
छात्र संघ चुनाव में आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई सीवाईएसएस ने ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। सीवाईएसएस के प्रदेश महासचिव हरिओम प्रभाकर का आरोप है कि सीवाईएसएस-आईसा का पैनल कई जगह मशीनों में गलत पाया गया, जिसे सूचना मिलने के बाद ठीक कराया गया। उन्होंने बताया कि हमें सूचना मिली थी दयाल सिंह कॉलेज व लॉ फैकल्टी के कुछ पोलिंग स्टेशन में पैनल नंबर में गड़बड़ियां हैं। इसे बाद में ठीक कराया गया। उन्होंने दावा किया इस बार डूसू चुनाव में हमारा गठबंधन बड़ा उलटफेर कर सकता है। दोनों संगठनों ने घोषणा पत्र में यू-स्पेशल बस,मेट्रो किराया कम करवाने जैसे वादे शामिल हैं, जिसे हम पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
07:40 AM: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच कांटे का मुकाबला हो सकता है। सेंट्रल पैनल से पहले कॉलेजों के पैनल का रुझान बताता है कि दोनों संगठनों के बीच कड़ी टक्कर है। एबीवीपी की मीडिया समन्वयक मोनिका चौधरी ने दावा किया है कि 19 कॉलेजों के पैनल में अध्यक्ष सहित 71 सीटों पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जीत दर्ज की है। उन्होंने कहा कि सोमवार देर शाम तक मिली जानकारी के अनुसार एबीवीपी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। हमें पूरा विश्वास है कि परिणाम भी एबीवीपी के पक्ष में होगा और डूसू में भी चारों सीटों पर हम विजय हासिल करेंगे। इतने कॉलेजों में एबीवीपीकी जीत इस बात का संकेत है कि एबीवीपी पर छात्रों का पूर्ण विश्वास है।.
07:30 AM: एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने का कहना है कि डूसू चुनाव में बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया है। 20 से अधिक कॉलेजों में 75 से अधिक उम्मीदवार एनएसयूआई के जीते हैं और सेंट्रल पैनल की भी सभी सीटों के प्रबल दावेदार हैं।
07:00 AM: सीवाईएसएस के दिल्ली महासचिव हरिओम प्रभाकर का कहना है कि हम बदलाव के लिए चुनाव में आए हैं और यह बदलाव इस चुनाव में दिखाई देगा। हमारे साथ छात्र एक स्वच्छ राजनीति के लिए जुड़े हैं और हमें मतदान किया है।
इससे पहले दोपहर के वक्त ईवीएम में खराबी और छात्रों के भारी हंगामे के चलते मतगणना का काम स्थगित कर दिया गया था। जब वोटों की गिनती स्थगित की गई तब के सन्नी छिल्लर अध्यक्ष पद पर और के ही आकाश चौधरी सेक्रेटरी पद पर आगे चल रहे थे। के सदस्यों ने काउंटिंग सेंटर के बाहर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष पर पीछे चल रही है इसलिए प्रशासन रिजल्ट में छेड़छाड़ की कोशिश कर रहा है। चुनाव आयुक्त प्रो. वीके कौल ने कहा की अभी मतगणना स्थगित की जा रही है। हमने सभी संगठनों का ज्ञापन लिया है। मतगणना अगले आदेश तक स्थगित रहेगी।
ने की मतगणना फिर से शुरू करने की मांग
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक के शक्ति सिंह ने कहा कि सिर्फ एक में खराबी थी, इसे रिपेयर किया जा सकता था। हम चाहते है कि काउंटिंग फिर से शुरू हो। हम जैसे ही सभी सीटों पर आगे हुए, अन्य पार्टियां फिर से चुनाव कराए जाने की मांग करने लगी।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक के रॉकी तुसीद ने कहा कि ये चुनाव केंद्र सरकार की ओर से हो रहे हैं। ईवीएम के साथ छेड़खानी की गई है। हम फिर से चुनाव चाहते हैं। रारम्भिक रुझान में एनएसयूआई और एबीवीपी में अध्यक्ष पद पर टक्कर दिख रही थी। हालांकि, एनएसयू अध्यक्ष और सचिव के पद पर आगे चल रही है। बुधवार को हुए दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में तीन साल बाद मतदान का रिकॉर्ड टूटा। 43.8% छात्रों ने अपने वोट का इस्तेमाल किया। इससे पहले 2014 के डूसू चुनाव में 44.3 फीसदी मतदान हुआ था।ष्मीबाई कॉलेज में सबसे कम केवल13 फीसदी मतदान हुआ। डीयू में शुरू में सभी कॉलेजों में मतदान धीरे शुरू हुआ, लेकिन बाद में न केवल नार्थ कैंपस में बल्कि साउथ कैंपस के भी अधिकांश कॉलेजों में 35 फीसदी से अधिक वोटिंग हुई।
08:30 AM: 2014 में 44.3 फीसदी मत पड़े थे। हालांकि, यह भी कटु सत्य है कि पिछले 10-11 साल से डीयू 50 प्रतिशत मतदान के लिए तरस रहा है। चुनाव के मद्देनजर सुबह से ही कॉलेजों के बाहर काफी संख्या में छात्र-छात्राएं मतदान करने के लिए पहुंचने लगे थे। वहीं, चुनाव की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस के जवानों ने नॉर्थ कैंपस के अधिकतर रास्तों की बैरिकेडिंग कर रख थी।
08:00 AM: ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया
छात्र संघ चुनाव में आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई सीवाईएसएस ने ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। सीवाईएसएस के प्रदेश महासचिव हरिओम प्रभाकर का आरोप है कि सीवाईएसएस-आईसा का पैनल कई जगह मशीनों में गलत पाया गया, जिसे सूचना मिलने के बाद ठीक कराया गया। उन्होंने बताया कि हमें सूचना मिली थी दयाल सिंह कॉलेज व लॉ फैकल्टी के कुछ पोलिंग स्टेशन में पैनल नंबर में गड़बड़ियां हैं। इसे बाद में ठीक कराया गया। उन्होंने दावा किया इस बार डूसू चुनाव में हमारा गठबंधन बड़ा उलटफेर कर सकता है। दोनों संगठनों ने घोषणा पत्र में यू-स्पेशल बस,मेट्रो किराया कम करवाने जैसे वादे शामिल हैं, जिसे हम पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
07:40 AM: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच कांटे का मुकाबला हो सकता है। सेंट्रल पैनल से पहले कॉलेजों के पैनल का रुझान बताता है कि दोनों संगठनों के बीच कड़ी टक्कर है। एबीवीपी की मीडिया समन्वयक मोनिका चौधरी ने दावा किया है कि 19 कॉलेजों के पैनल में अध्यक्ष सहित 71 सीटों पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जीत दर्ज की है। उन्होंने कहा कि सोमवार देर शाम तक मिली जानकारी के अनुसार एबीवीपी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। हमें पूरा विश्वास है कि परिणाम भी एबीवीपी के पक्ष में होगा और डूसू में भी चारों सीटों पर हम विजय हासिल करेंगे। इतने कॉलेजों में एबीवीपीकी जीत इस बात का संकेत है कि एबीवीपी पर छात्रों का पूर्ण विश्वास है।.
07:30 AM: एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने का कहना है कि डूसू चुनाव में बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया है। 20 से अधिक कॉलेजों में 75 से अधिक उम्मीदवार एनएसयूआई के जीते हैं और सेंट्रल पैनल की भी सभी सीटों के प्रबल दावेदार हैं।
07:00 AM: सीवाईएसएस के दिल्ली महासचिव हरिओम प्रभाकर का कहना है कि हम बदलाव के लिए चुनाव में आए हैं और यह बदलाव इस चुनाव में दिखाई देगा। हमारे साथ छात्र एक स्वच्छ राजनीति के लिए जुड़े हैं और हमें मतदान किया है।
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