Tuesday, October 9, 2018

ओड़िशा-आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ा तूफान, आज यहां हो सकती है भारी बारिश

मौसम विभाग ने मंगलवार को कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरे दबाव का क्षेत्र तीव्र होकर चक्रवाती तूफान तितली में बदल गया है और ओड़िशा-आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है. यह उत्तर पूर्व की ओर जा सकता है और तूफान तटीय ओड़िशा से पश्चिम बंगाल के गंगा क्षेत्र से गुजरते हुए धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है.

 
मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार को ओड़िशा के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताते हुए राज्य में रेड अलर्ट भी जारी कर दिया है. बंगाल की खाड़ी पर चक्रवाती तूफान पिछले छह घंटे में आठ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ा. तितली ओड़िशा में गोपालपुर से करीब 560 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में और आंध्र प्रदेश में कलिंगपट्नम से 480 किमी पूर्व- दक्षिण पूर्व में है.
अगले 24 घंटे में यह गोपालपुर तथा कलिंगपट्नम के बीच ओड़िशा और उससे लगे उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों को पार कर सकता है. बुधवार और गुरुवार से गंजाम, गजपति, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, खुर्दा, नयागढ़, कटक और बालासोर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
 
राहुल गांधी को उम्मीद : आंध्र प्रदेश और ओड़िशा तितली चक्रवात से निपटने को तैयार
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को आशा प्रकट की कि ओड़िशा और आंध्र प्रदेश की सरकारें अपने-अपने राज्यों के तटीय क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे तितली चक्रवात से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए कमर कर चुकी होंगी. उन्होंने फेसबुक पर लिखा, ‘‘चक्रवात ओड़िशा और आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। यह सावधानी बरतने का समय है.'' उन्होंने लिखा, ‘‘मैं आशा करता हूं कि राज्य सरकारों और प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली होगी. कांग्रेस कार्यकर्ताओं से जरूरत की इस घड़ी में देशवासियों के साथ खड़ा रहने और मुश्किलों का डटकर सामना करने का अनुरोध है. '' मौसम विभाग ने मंगलवार को विशेष बुलेटिन में कहा कि बंगाल में खाड़ी में गहरे दबाव का क्षेत्र मजबूत होकर तितली तूफान का रूप ले चुका है और वह ओड़िशा-आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है.नशीली आंखें, सुंदर काया और बेहतरीन अदाकारी का संगम है बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्री रेखा. रेखा आज अपना 64वां जन्मदिन मना रही हैं. रेखा का जन्म 10 अक्टूबर 1954 हिन्दी फिल्मों की एक मशहूर अदाकारा हैं. रेखा को हिंदी सिनेमा की सर्वश्रेष्‍ठ अभिनेत्र‍ियों के तौर पर जानी जाती हैं. फिल्म इंडस्ट्री में लगभग 5 दशकों तक सक्रिय रही रेखा ने महज 15 साल की उम्र में बॉलीवुड में एंट्री कर ली थी. आज भी लोग उनकी एक झलक पाने को बेताब दिखते हैं. फिलहाल रेखा फिल्‍मों से दूर हैं लेकिन आज भी अपने स्‍टाइल को लेकर सुर्खियों में बनी रहती हैं.

रेखा ने साल 1966 में एक र्चाल्‍ड आटिस्‍ट के तौर पर तेलगू फिल्‍म '  ' में काम किया था. इसके चार साल बाद हिंदी सिनेमा में उन्‍होंने फिल्‍म 'सावन भादो' से डेब्‍यू किया था. फिल्‍म बॉक्‍स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी.
रेखा को अभिनय के क्षेत्र में आने के लिए अपनी पढाई छोडनी पड़ी. रेखा को अभिनय में रूचि नहीं थी लेकिन परिवार में आर्थिक समस्या होने के कारण उन्हें इस क्षेत्र में आना पड़ा. उनकी पहली फिल्म 'सावन भादो' के हिट होने के बाद उन्हें कई फिल्मों के ऑफर आने लगे. उन्होंने 'रामपुर का लक्ष्मण', 'कहानी किस्मत की' और 'प्राण जाये पर वचन न जाये' जैसी फिल्‍मों में काम किया. इन फिल्मों को भी अच्छा रिस्पांस मिला. अमिताभ बच्चन के साथ उनकी पहली फिल्म 'दो अंजाने' को खूब सराहा गया. फिल्‍म 'घर' उनके करियर के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुई. इसके बाद तो जैसे उनके पास फिल्मों की झड़ी लग गई.

सेट पर बेहोश हो गईं थी

फिल्म ‘दो शिकारी‘ के सेट पर रेखा बेहोश हो गईं थी. उन्हें अभिनेता विश्वजीत के साथ एक किसिंग सीन फिल्माना था. रेखा इस सीन के लिए तैयार नहीं थी लेकिन फिल्म की जरूरत कीवजह से उन्हें यह सीन करना पडा. शॉट के बाद रेखा बेहोश हो गई. इस फिल्म के बाद रेखा का नाम विश्वजीत के साथ जोड़ा गया और कहा जाने लगा कि दोनों एकदूसरे के साथ काफी वक्त बिताते हैं. हालांकि हिंदी सिनेमा में रेखा का उदय हो रहा था और ऐसे में वो अपना ध्‍यान इसी पर केंद्रित करना चाहती थीं कि ऐसे में उन्होंने अपना रास्ता बदल लिया.

रेखा और विनोद मेहरा

रेखा और विनोद मेहरा के संबंधों की भी खूब चर्चा रही. दोनों का मिलना, सार्वजनिक मंच पर एकदूसरे का साथ देना दुनिया को दोनों के बीच कुछ होने का सबूत देता था. विनोद मेहरा और रेखा एकदूसरे के प्यार में इतना डूबे थे कि दोनों को दुनिया जहां की कोई खबर ही नहीं थी. कहा तो यह भी जा रहा था कि दोनों एकदूसरे के साथ शादी करना चाहते थे. लेकिन विनोद मेहरा की मां को बहु के रूप में रेखा पसंद नहीं थी. इसके बाद जब विनोद मेहरा ने अपनी मां से रेखा को मिलवाया तो मां ने विनोद को दोनों में से किसी एक को चुनने को कहा. विनोद मेहरा ने मां को चुना और रेखा अकेली हो गईं.

रेखा और अमिताभ बच्चन

रेखा और अमिताभ बच्चन की नजदीकियों ने भी खुब सुर्खियां बटोरी. अमिताभ रेखा के प्यार में डूबे थे वहीं रेखा ने भी खुद को बदल दिया था. कभी सांवली सी दिखने वाली रेखा एक खूबसूरत सेक्सी अभिनेत्री बनकर उभरी. अमिताभ की कैमेस्ट्री पर्दे पर भी खूब देखने को मिली. उनकी 9 में से 5 फिल्में सुपरहिट रही. 'मि. नटवरलाल', 'सुहाग', 'गंगा की सौगंध', 'खून पसीना' और 'नमक हराम' जैसी फिल्मों की सफलता के साथ यह जोड़ी सफलता के शिखर पर पहुंच गई. इस जोड़ी की आखिरी फिल्म थी 'सिलसिला'. इस फिल्म की कहानी को रेखा अमिताभ बच्चन की निजी जिंदगी से भी जोड़कर देखा गया. इस फिल्म में जया ने अमिताभ बच्चन की पत्नी का किरदार निभाया था और रेखा ने प्रेमिका का. लेकिन 'कुली' फिल्म के हादसे के बाद दोनों की राहें जुदा हो गई.

मुकेश अग्रवाल संग शादी

रेखा की जिंदगी का एक अहम किस्सा मुकेश अग्रवाल से उनकी शादी का भी है. रेखा ने साल 1990 में दिल्ली के कारोबारी मुकेश अग्रवाल से शादी की लेकिन मुकेश ने शादी के 1 साल बाद ही आत्महत्या कर ली. अफवाहें ऐसी भी उड़ी कि रेखा ने साल 1973 में विनोद मेहरा से शादी की थी. लेकिन साल 2004 में सिमी ग्रेवाल के टेलीविजन शो में रेखा ने ऐसी खबरों से इनकार किया और विनोद मेहरा को अपना 'शुभचिंतक' बताया. रेखा मौजूदा समय में मुंबई स्थित बांद्रा में रहती हैं.

सर्वश्रेष्ठ फिल्में

साल 1980 में आई कॉमेडी फिल्म 'खूबसूरत' में रेखा की कॉमिक टाइम को सराहा गया. इस फिल्म के सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार तो मिला ही, रेखा को भी पहली बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला था. साल 1981 में आई फिल्म 'उमराव जान' को रेखा की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से एक माना जाता है. इस फिल्म के लिये उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था. फिल्म 'खून भरी मांग' रेखा की सुपरहिट फिल्मों में शुमार की जाती है. इस फिल्म में दमदार अभिनय के लिये उन्‍हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित की गईं. रेखा की चर्चित फिल्‍मों में धर्मा, कहानी किस्मत की, नमक हराम, धर्मात्मा, खून पसीना, गंगा की सौगंध, मुकद्दर का सिकंदर, खूबसूरत, अगरर तुम ना होते,  खून भरी मांग, इजाजत, बीवी हो तो ऐसी, भ्रष्टाचार, फूल बने अंगारे, खिलाडि़यों का खिलाड़ी, आस्था, बुलंदी, जुबैदा, लज्जा, दिल है तुम्हारा, कोई मिल गया और क्रिश.

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