Thursday, November 29, 2018

كلثم الحايكي: لن أتوانى في تحقيق طموحات أبناء الدائرة وتمثيلهم نيابيا بشكل مشرّف

  عبّرت مترشحة الدائرة الأولى بالمحافظة الشمالية للمجلس النيابي، كلثم عبدالكريم الحايكي، عن شكرها وتقديرها لأبناء الدائرة الذين منحوها ثقتهم، موضحة أن حصولها على أعلى الأصوات كان مؤشرا قويا لهذه الثقة التي تعتز بها، مؤكدة أنها ستبذل كل ما في وسعها لتحقيق آمالهم وطموحاتهم التي عقدوها على تمثيلها لهم نيابيا، وأن هذا التمثيل سيكون مشرفا وقويا.
وقالت: إن حسم جولة الإعادة سيكون الفيصل فيه هو أيضا ثقة الناخبين، وأن حصولها على المقعد النيابي سيكون بداية مشوار مهم لتحقيق برنامجها الانتخابي الذي من بين خطوطه العامة طرح مشروع للحد من البطالة يرتكز على إحلال العمالة الوطنية محل العمالة الأجنبية في كافة الوظائف بنسبة لا تقل عن 90%، وزيادة عدد الوظائف التي تقتصر على البحرينيين فقط، وإلزام الشركات كافة بنسب البحرنة المحددة قانونا، كذلك وضع ضوابط للتجنيس ورفع شروطه وتنظيم حصول أبناء البحرينية المتزوجة من أجنبي على الجنسية، وإعادة النظر في قانون العزل السياسي الذي حرم الكثير من المواطنين من حقهم في الترشح والانتخاب، وتصحيح أوضاع من كانوا منتمين إلى جمعيات سياسية منحلة. 
وأكدت «الحايكي» أن الحفاظ على مكتسبات المواطن سيكون من أولويات عملها، وخاصة ما يتعلق بتلافي آثار فرض قانون ضريبة القيمة المضافة، ورفع أسعار البترول، إذ لا يعقل أن يضار المواطن صاحب الراتب الضعيف بهذه الأعباء الجديدة، معلنة أنها سوف تتقدم بمشروع قانون برفع الدعم ضد الغلاء، بحيث يكون بحسب دخل المواطن وعدد أفراد أسرته.
وأضافت أن إيمانها بالمشاركة عبر القنوات الدستورية تحقيقا للواجب الوطني هو أقصر وأفضل الطرق لتحقيق تقدم البحرين، مشيرة إلى أن اتخاذها شعار «بصوتك تزرع بذرة التغيير» لم يأت من فراغ، بل جاء تعبيرا حقيقيا عن مطالب أبناء الدائرة، على كافة المحاور الاجتماعية والخدمية والاقتصادية والتنموية.
ونوهت إلى أن برنامجها يتضمن أيضا محاربة الفقر وتوفير فرص عمل للشباب، وتبني مشروعات دمج ذوي الاحتياجات الخاصة في الحياة الاجتماعية، وحل المشكلة الإسكانية، والارتقاء بجودة الخدمات الصحية والتعليمية.
  قال عباس جمعة العماني، المترشح النيابي المستقل عن الدائرة التاسعة بالمحافظة الشمالية، والوجه الشبابي الذي ينافس في جولة الإعادة السبت المقبل: إن جولة الإعادة ستكون بداية طريق لتغيير حقيقي في الدائرة، لأنه بيد الجميع أن «يصنعوا مجلسا نيابيا قويا أو ضعيفا، إذ لا مجال للسلبية أو التقاعس أو التصويت العاطفي وأن وعي الناخبين هو ما سوف يحدد شكل السنوات الأربع القادمة»، معبرا عن شكره وامتنانه لكل من أعطاه صوته في الجولة الأولى، وشكره أيضا لكل من شارك في العملية الانتخابية من أبناء الدائرة، متمنيا أن تكون ثقة الناخبين في الجولة الثانية طريقا لفوزه بالمقعد النيابي الذي سيكون بمثابة تكليف منهم لتنفيذ برنامجه الانتخابي، وأنه سيبذل كل ما في وسعه وصولا إلى «مواطن ذو قيمة حياته كريمة»، كما هو شعار برنامجه.
وتعهد «العُماني» بأنه سيركز على تطوير التشريعات التي تضمن تقديم الدعم لرواد الأعمال من الشباب، لأن الواقع الاقتصادي في مملكة البحرين يتطلب دخول دماء جديدة لشرايين الاقتصاد، تكون قادرة على الإنجاز وإحداث نقلة نوعية في النمو، بما يخدم مصالح الوطن والمواطنين.
وأضاف أنه سيسهم بقوة في دعم التحركات الرامية إلى دمج ذوي الإعاقة، وأنه لن يتوانى عن دراسة أوضاعهم والعمل على تحسينها، وخاصة العلاوات التي يحصلون عليها، وما يرتبط بذلك أيضا من تقديم خدمات صحية لائقة لهذه الفئة وللمواطنين كافة، مؤكدا أن الملف الصحي يحتاج إلى مخصصات مالية أكبر لتلافي القصور الذي هو واقع بالفعل.
وذكر أن دخوله الانتخابات جاء من منطلق تحمل مسؤولية وطنية لتحقيق مصالح المواطنين، بعد تجارب نيابية سابقة لها ما لها وعليها ما عليها، موضحًا أن الإحباط الذي شعر به المواطنون نتيجة فقدانهم العديد من المكتسبات، لا ينبغي أن يكون عائقا أمام المشاركة والتصويت القوي في جولة الإعادة، وأنه سيعمل -حال نيله ثقة الناخبين وفوزه بمقعد الدائرة- على تفعيل الأدوات التشريعية والرقابية التي تضمن حقوق الجميع في المجالات كافة.

Sunday, November 11, 2018

ऋषभ पंत ने एक हाथ से लगाया छक्का, गेंदबाज भी रह गया हैरान

टीम इंडिया ने चेन्नई में खेले गए तीसरे टी-20 मैच में वेस्टइंडीज को 6 विकेट से शिकस्त देकर मेहमान टीम का 3 मैचों की इस सीरीज में 3-0 से सूपड़ा साफ कर दिया है. टीम इंडिया की इस जीत में चमके ऋषभ पंत और शिखर धवन दोनों ही बल्लेबाज आउट ऑफ फॉर्म थे, लेकिन जब टीम मुसीबत में थी तो फिर उन्होंने अपनी बल्लेबाजी के जोहर भी दिखाए.इसी बीच जब ऋषभ पंत बल्लेबाजी कर रहे थे, तो उन्होंने एक ऐसा छक्का जड़ दिया, जिससे मैदान पर मौजूद दर्शकों से लेकर कमेंटेटर भी हैरान रह गए. भारतीय पारी के 13वें ओवर की आखिरी गेंद पर कीरोन पोलार्ड की गेंद पर ऋषभ पंत ने लॉंग ऑन की दिशा में अपने एक हाथ से ही जबरदस्त छक्का जड़ दिया. पंत के इस वन हेंडेड छक्के को देख गेंदबाज पोलार्ड के साथ ही हर कोई हैरान रह गया.ऋषभ पंत ने अपने टी-20 करियर का पहला अर्धशतक जड़ते हुए 38 गेंदों में 58 रनों की पारी खेली. इस पारी के दौरान पंत ने 5 चौके और 3 छक्के जड़े.वेस्टइंडीज ने 182 रनों का लक्ष्य देकर टीम इंडिया को डराया था, जिसके बाद भारत ने अपना पहला विकेट कप्तान रोहित शर्मा के रूप में 13 रन के स्कोर पर गंवा दिया. इसके बाद राहुल भी जल्द ही आउट हो गए.लेकिन इसके बाद गब्बर का खामोश बल्ला चल गया और उन्हें ऋषभ पंत का साथ मिला. पंत भी पिछले 2 टी-20 मैच में नहीं चल पाए थे. पंत और धवन ने मिलकर तीसरे विकेट के लिए 130 रनों की पार्टनरशिप की. शिखर धवन ने 62 गेंदों में नाबाद 92 रनों की पारी खेली है, जिसमें 2 छक्के और 10 चौके भी शामिल थे.द्र सरकार में मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अनंत कुमार का सोमवार सुबह करीब 2 बजे निधन हो गया. अनंत कुमार दक्षिण भारत के साथ-साथ उत्तर भारत की राजनीति में काफी लोकप्रिय थे. मोदी सरकार में संसद में फ्लोर मैनेजमेंट के माहिर थे, यही वजह थी कि उन्हें संसदीय कार्य मंत्री का जिम्मा दिया गया था.
अनंत कुमार पिछले काफी समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे. 59 साल के अनंत का पहले लंदन और न्यूयॉर्क में इलाज चला, लेकिन 20 अक्टूबर को ही उन्हें बेंगलुरु लाकर एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांसें लीं.
अनंत कुमार दक्षिण से आते थे, लेकिन वे उत्तर प्रदेश, बिहार समेत उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों की राजनीति में बीजेपी संगठन की ओर से सक्रिय थे. वे लोकसभा चुनाव 2014 और यूपी में 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी की ओर से सक्रिय रहे और कई रैलियां की थीं.
अनंत कुमार कर्नाटक की राजनीति में बीजेपी के बड़े चेहरे और राष्ट्रीय नेता के तौर पर पहचाने जाते थे. उन्होंने छात्र जीवन से ही राजनीतिक में कदम रख दिया था. उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से प्रभावित होकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य बने. इंदिरा गांधी के द्वारा लगाए गए आपातकाल का उन्होंने जमकर विरोध किया. इसके लिए उन्हें जेल भी जाना पड़ा था.
अनंत कुमार सबसे पहले एबीवीपी का प्रदेश सचिव और 1985 में राष्ट्रीय सचिव बने. बीजेपी के युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी काम किया.
कर्नाटक के बेंगलुरु दक्षिण से बीजेपी की टिकट पर अनंत कुमार ने कांग्रेस के उम्मीदवार नंदन निलकेणी को हराया हैं. अनंत कुमार बैंगलोर दक्षिण से लगातार छठी बार सांसद चुनाव जीत हासिल की है. इसके बाद मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री बने. इससे पहले अटल सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालय का जिम्मा भी संभाला था. हालांकि उन्हें बीजेपी के दिग्गज नेता एलके आडवाणी के सबसे करीबी नेताओं में गिना  जाता रहा है.
1987 में कर्नाटक बीजेपी के सचिव बने. इसके बाद 1996 में बेंगलुरु साउथ से पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया तो खरे उतरे और चुनाव जीतकर संसद पहुंचे. इसके बाद उन्होंने पलटकर नहीं देखा, राजनीतिक की सीढ़ियां लगातार चढ़ते गए.
अटल बिहारी वाजेपीय के नेतृत्व में जब 1998 में पहली बार सरकार बनी तो दक्षिण भारत के कोटे से अनंत कुमार को मंत्री बनाया गया. अटल सरकार में उड्डयन मंत्री बनाए गए, वह अटल सरकार में सबसे कम उम्र के कैबिनेट मंत्री थे. इसके बाद 1999 में चुनाव में जीते तो वाजपेयी सरकार में कई मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली.
हालांकि, कर्नाटक की सियासी जंग फतह करने के लिए बीजेपी ने 2003 में उन्हें बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी. इसका नतीजा था कि विधानसभा चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर राज्य में उभरी.  2004 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी भले ही सत्ता से बाहर हो गई थी, लेकिन कर्नाटक में सबसे ज्यादा संसदीय सीटें जीतने में सफल रही थी.
2004 के उन्हों बीजेपी का राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई. इस दौरान उन्हें मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ सहित कई अन्य राज्यों में प्रभारी के तौर पर काम करने किया.
इसके बाद 2004, 2009 और 2014 में छठी बार लोकसभा सदस्य चुने गए. मोदी सरकार में पहले उन्हें रसायन और खाद मंत्री बनाया गया, लेकिन जुलाई 2016 में संसदीय कार्यमंत्री का जिम्मा भी सौंप दिया गया, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया.

Tuesday, October 16, 2018

美国大选:希拉里 VS 特朗普会打出怎样的环境牌?

月1日的“超级星期二”初选过后,11月美国大选的局势变得愈加明朗,基本可以看作民主党候选人希拉里·克林顿(  )与共和党候选人唐纳德·特朗普(  )之间的两峰对决。

前美国第一夫人克林顿( ),不仅担任过美国国务卿,还曾两度当选为纽约州参议员。而她的对手特朗普( )也来头不小,这位共和党候选人可是富甲一方的亿万富翁。

几个月之前特朗普赢得大选似乎是一件令人不可想象的事情。但是从他在共和党候选人竞争中的绝对优势来看,他在总统选举中赢得胜利已经不再像之前那么令人感到吃惊了。

但美国环境政策人士已经开始对特朗普的参选声明进行评估,希望了解他大选获胜之后可能对美国现有环境政策造成的破坏和影响,这其中就包括巴黎气候协议以及徘徊在法律边缘的《清洁能源计划》。

这位房地产大亨从未有过从政经验,不过他已经明确表示,一旦获选就会遣散美国环境保护局。该机构是目前协助美国环境立法的一个重要执行机构。

此外,唐纳德·特朗普还否认气候变化是由人为造成的,并且表示要推翻现有的去碳化能源计划。众所周知,特朗普对风能颇有微词,尤其对那些建在他高尔夫球场上的风力涡轮机格外瞧不上眼。

前阿拉斯加州州长莎拉·佩林( )一直是石油行业的积极支持者。然而这位能源界的无名小辈却很有可能成为特朗普政府能源部长的不二人选。

以上种种情况让美国环境人士认定,特朗普当选无疑会是一场灾难,美国多年的环境立法成就都将付之一炬,白宫自此变成污染工业的一言堂。

加利福尼亚州民主党环境小组主席RL·米勒(  )说:“奥巴马政府关于气候和环境的一些不错的提议都已经过了行政部门的认可,但还没有走完最后的立法流程。这届政府如果完成不了,下一届就更没可能。”

而克林顿不仅明确表示会延续奥巴马政府的环境政策,而且还提出了一些自己的环境方案,比如对石油巨头(主要是指艾克森石油公司)展开调查,同时对气候变化进行深入研究。

克林顿还许诺将大幅增加太阳能在美国能源结构中的占比,但是也有分析人士认为这样的说法太过宽泛。

不过克林顿的绿色政策也不是没有“污点”。比如她的团队接受了能源巨头的政治献金,支持利用水力压裂法进行石油开采,而且在饱受争议的基斯顿XL输油管线事件上态度模棱两可,该项目计划进口从高污染的加拿大含油砂中提取的原油。

但是,白宫新主人的作用到底有多大呢?

像加利福尼亚这样的大州,一般都制定了雄心勃勃的减碳目标,设定了专有的能源标准。此外,这些地区的绿色科技企业数量众多,他们正在逐步改变美国能源的开采、管理和消费方式

同时,鉴于目前需求疲软、供应过量、气候变化与环境治理力度也逐渐加大,这一切都让美国金融机构对于化石燃料的前景表示担忧。

候选人引言

唐纳德·特朗普

“全球变暖这种概念都是中国人捏造的,他们就是想打压美国制造业。”
“现在的绿色能源太落后了。全球各地到处都是风力发电厂,他们把海岸线都毁了。从经济角度看,这种方式一点都不合理,这种能源根本就没用。”


“环境保护局这种机构简直就是个笑话。它就是我们创造就业、实现经济增长的绊脚石。”

“奥巴马对煤炭宣战害得好多美国人丢了饭碗,让我们对敌国的能源越来越依赖,做生意越来越难。奥巴马把煤炭业毁了,我们要把它拯救回来。”

希拉里·克林顿

“我将以清洁能源计划为基础,与各州、城镇以及非城市居民一起发起一项清洁能源挑战,加快清洁能源利用,提高能效,推广绿色交通。”

“在向更加清洁绿色的经济模式转型的过渡时期,天然气将发挥巨大的作用。”

未来十年针对巴黎气候协议的行动方向非常重要——因为如果我们不能大力推进清洁能源发展,削减经济增长过程中的碳污染,那么我们将无法避免最终的灾难性后果。

“对于要在南卡罗莱纳州,或者其他东南沿海各州进行深海钻探这种需求和想法,我一直深表怀疑。”

目前美国太阳能领域的就业人数和机会远远超过石油行业...如果我们想在对抗气候变化的战役中取得全球领先的地位,就必须鼓励加大对太阳能、风能和地热能的投资,引导消费者成为清洁能源生产者也是其中重要的一环。”

Tuesday, October 9, 2018

ओड़िशा-आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ा तूफान, आज यहां हो सकती है भारी बारिश

मौसम विभाग ने मंगलवार को कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरे दबाव का क्षेत्र तीव्र होकर चक्रवाती तूफान तितली में बदल गया है और ओड़िशा-आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है. यह उत्तर पूर्व की ओर जा सकता है और तूफान तटीय ओड़िशा से पश्चिम बंगाल के गंगा क्षेत्र से गुजरते हुए धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है.

 
मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार को ओड़िशा के कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताते हुए राज्य में रेड अलर्ट भी जारी कर दिया है. बंगाल की खाड़ी पर चक्रवाती तूफान पिछले छह घंटे में आठ किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ा. तितली ओड़िशा में गोपालपुर से करीब 560 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में और आंध्र प्रदेश में कलिंगपट्नम से 480 किमी पूर्व- दक्षिण पूर्व में है.
अगले 24 घंटे में यह गोपालपुर तथा कलिंगपट्नम के बीच ओड़िशा और उससे लगे उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों को पार कर सकता है. बुधवार और गुरुवार से गंजाम, गजपति, पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, खुर्दा, नयागढ़, कटक और बालासोर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है.
 
राहुल गांधी को उम्मीद : आंध्र प्रदेश और ओड़िशा तितली चक्रवात से निपटने को तैयार
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को आशा प्रकट की कि ओड़िशा और आंध्र प्रदेश की सरकारें अपने-अपने राज्यों के तटीय क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे तितली चक्रवात से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए कमर कर चुकी होंगी. उन्होंने फेसबुक पर लिखा, ‘‘चक्रवात ओड़िशा और आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। यह सावधानी बरतने का समय है.'' उन्होंने लिखा, ‘‘मैं आशा करता हूं कि राज्य सरकारों और प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली होगी. कांग्रेस कार्यकर्ताओं से जरूरत की इस घड़ी में देशवासियों के साथ खड़ा रहने और मुश्किलों का डटकर सामना करने का अनुरोध है. '' मौसम विभाग ने मंगलवार को विशेष बुलेटिन में कहा कि बंगाल में खाड़ी में गहरे दबाव का क्षेत्र मजबूत होकर तितली तूफान का रूप ले चुका है और वह ओड़िशा-आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ रहा है.नशीली आंखें, सुंदर काया और बेहतरीन अदाकारी का संगम है बॉलीवुड की सदाबहार अभिनेत्री रेखा. रेखा आज अपना 64वां जन्मदिन मना रही हैं. रेखा का जन्म 10 अक्टूबर 1954 हिन्दी फिल्मों की एक मशहूर अदाकारा हैं. रेखा को हिंदी सिनेमा की सर्वश्रेष्‍ठ अभिनेत्र‍ियों के तौर पर जानी जाती हैं. फिल्म इंडस्ट्री में लगभग 5 दशकों तक सक्रिय रही रेखा ने महज 15 साल की उम्र में बॉलीवुड में एंट्री कर ली थी. आज भी लोग उनकी एक झलक पाने को बेताब दिखते हैं. फिलहाल रेखा फिल्‍मों से दूर हैं लेकिन आज भी अपने स्‍टाइल को लेकर सुर्खियों में बनी रहती हैं.

रेखा ने साल 1966 में एक र्चाल्‍ड आटिस्‍ट के तौर पर तेलगू फिल्‍म '  ' में काम किया था. इसके चार साल बाद हिंदी सिनेमा में उन्‍होंने फिल्‍म 'सावन भादो' से डेब्‍यू किया था. फिल्‍म बॉक्‍स ऑफिस पर सुपरहिट रही थी.
रेखा को अभिनय के क्षेत्र में आने के लिए अपनी पढाई छोडनी पड़ी. रेखा को अभिनय में रूचि नहीं थी लेकिन परिवार में आर्थिक समस्या होने के कारण उन्हें इस क्षेत्र में आना पड़ा. उनकी पहली फिल्म 'सावन भादो' के हिट होने के बाद उन्हें कई फिल्मों के ऑफर आने लगे. उन्होंने 'रामपुर का लक्ष्मण', 'कहानी किस्मत की' और 'प्राण जाये पर वचन न जाये' जैसी फिल्‍मों में काम किया. इन फिल्मों को भी अच्छा रिस्पांस मिला. अमिताभ बच्चन के साथ उनकी पहली फिल्म 'दो अंजाने' को खूब सराहा गया. फिल्‍म 'घर' उनके करियर के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुई. इसके बाद तो जैसे उनके पास फिल्मों की झड़ी लग गई.

सेट पर बेहोश हो गईं थी

फिल्म ‘दो शिकारी‘ के सेट पर रेखा बेहोश हो गईं थी. उन्हें अभिनेता विश्वजीत के साथ एक किसिंग सीन फिल्माना था. रेखा इस सीन के लिए तैयार नहीं थी लेकिन फिल्म की जरूरत कीवजह से उन्हें यह सीन करना पडा. शॉट के बाद रेखा बेहोश हो गई. इस फिल्म के बाद रेखा का नाम विश्वजीत के साथ जोड़ा गया और कहा जाने लगा कि दोनों एकदूसरे के साथ काफी वक्त बिताते हैं. हालांकि हिंदी सिनेमा में रेखा का उदय हो रहा था और ऐसे में वो अपना ध्‍यान इसी पर केंद्रित करना चाहती थीं कि ऐसे में उन्होंने अपना रास्ता बदल लिया.

रेखा और विनोद मेहरा

रेखा और विनोद मेहरा के संबंधों की भी खूब चर्चा रही. दोनों का मिलना, सार्वजनिक मंच पर एकदूसरे का साथ देना दुनिया को दोनों के बीच कुछ होने का सबूत देता था. विनोद मेहरा और रेखा एकदूसरे के प्यार में इतना डूबे थे कि दोनों को दुनिया जहां की कोई खबर ही नहीं थी. कहा तो यह भी जा रहा था कि दोनों एकदूसरे के साथ शादी करना चाहते थे. लेकिन विनोद मेहरा की मां को बहु के रूप में रेखा पसंद नहीं थी. इसके बाद जब विनोद मेहरा ने अपनी मां से रेखा को मिलवाया तो मां ने विनोद को दोनों में से किसी एक को चुनने को कहा. विनोद मेहरा ने मां को चुना और रेखा अकेली हो गईं.

रेखा और अमिताभ बच्चन

रेखा और अमिताभ बच्चन की नजदीकियों ने भी खुब सुर्खियां बटोरी. अमिताभ रेखा के प्यार में डूबे थे वहीं रेखा ने भी खुद को बदल दिया था. कभी सांवली सी दिखने वाली रेखा एक खूबसूरत सेक्सी अभिनेत्री बनकर उभरी. अमिताभ की कैमेस्ट्री पर्दे पर भी खूब देखने को मिली. उनकी 9 में से 5 फिल्में सुपरहिट रही. 'मि. नटवरलाल', 'सुहाग', 'गंगा की सौगंध', 'खून पसीना' और 'नमक हराम' जैसी फिल्मों की सफलता के साथ यह जोड़ी सफलता के शिखर पर पहुंच गई. इस जोड़ी की आखिरी फिल्म थी 'सिलसिला'. इस फिल्म की कहानी को रेखा अमिताभ बच्चन की निजी जिंदगी से भी जोड़कर देखा गया. इस फिल्म में जया ने अमिताभ बच्चन की पत्नी का किरदार निभाया था और रेखा ने प्रेमिका का. लेकिन 'कुली' फिल्म के हादसे के बाद दोनों की राहें जुदा हो गई.

मुकेश अग्रवाल संग शादी

रेखा की जिंदगी का एक अहम किस्सा मुकेश अग्रवाल से उनकी शादी का भी है. रेखा ने साल 1990 में दिल्ली के कारोबारी मुकेश अग्रवाल से शादी की लेकिन मुकेश ने शादी के 1 साल बाद ही आत्महत्या कर ली. अफवाहें ऐसी भी उड़ी कि रेखा ने साल 1973 में विनोद मेहरा से शादी की थी. लेकिन साल 2004 में सिमी ग्रेवाल के टेलीविजन शो में रेखा ने ऐसी खबरों से इनकार किया और विनोद मेहरा को अपना 'शुभचिंतक' बताया. रेखा मौजूदा समय में मुंबई स्थित बांद्रा में रहती हैं.

सर्वश्रेष्ठ फिल्में

साल 1980 में आई कॉमेडी फिल्म 'खूबसूरत' में रेखा की कॉमिक टाइम को सराहा गया. इस फिल्म के सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार तो मिला ही, रेखा को भी पहली बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला था. साल 1981 में आई फिल्म 'उमराव जान' को रेखा की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से एक माना जाता है. इस फिल्म के लिये उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था. फिल्म 'खून भरी मांग' रेखा की सुपरहिट फिल्मों में शुमार की जाती है. इस फिल्म में दमदार अभिनय के लिये उन्‍हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित की गईं. रेखा की चर्चित फिल्‍मों में धर्मा, कहानी किस्मत की, नमक हराम, धर्मात्मा, खून पसीना, गंगा की सौगंध, मुकद्दर का सिकंदर, खूबसूरत, अगरर तुम ना होते,  खून भरी मांग, इजाजत, बीवी हो तो ऐसी, भ्रष्टाचार, फूल बने अंगारे, खिलाडि़यों का खिलाड़ी, आस्था, बुलंदी, जुबैदा, लज्जा, दिल है तुम्हारा, कोई मिल गया और क्रिश.

Friday, September 28, 2018

बरसात के जख्मों पर केंद्र ने दिया 122 करोड़ का मरहम

रकार ने हिमाचल प्रदेश को बारिश से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 122 करोड़ का आर्थिक पैकेज जारी किया है। केंद्र सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्यों के लिए यह पहली किस्त जारी की है। गुरुवार को लगातार दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से दूरभाष पर बातचीत कर हिमाचल में चल रहे बचाव कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि फिलहाल 122 करोड़ के रूप में पहली किस्त जारी की गई है। नुकसान के आकलन के बाद जल्द ही अगली किस्त जारी कर दी जाएगी। प्रधानमंत्री से मुख्यमंत्री की बातचीत के तुरंत बाद गुरुवार को सेना के तीन और हेलिकाप्टर हिमाचल में राहत-बचाव कार्य के लिए भेजे गए हैं। पिछले दो दिनों से एयरफोर्स के तीन हेलिकाप्टर मनाली-लाहुल-स्पीति में बचाव कार्य में जुटे हैं। इसके चलते केंद्र ने हिमाचल मेें छह हेलिकॉप्टर रेस्क्यू ऑॅपरेशन के लिए तैनात कर दिए हैं। गुरुवार को पांच हेलिकाप्टर बारालाचा, सिसू, चंद्रताल, कोकसर तथा लाहुल-स्पीति के विभिन्न क्षेत्रों से बर्फबारी में फंसे लोगों को निकालने में जुटे रहे। एयरफोर्स का गुरुवार को दिल्ली से चंबा पहुंचा एक अन्य चौपर नौनिहाल खिलाडि़यों के लिए तैनात किया गया है। होली में फंसे 817 छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल कर अब हेलिकाप्टर से पांगी भेजा जा रहा है। जाहिर है कि बुधवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विस्तार से बातचीत हुई थी। इस आधार पर गुरुवार को 122 करोड़ की आर्थिक सहायता और तीन चौपर भेजे गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि लाहुल-स्पीति से अब तक एक हजार के करीब पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। इसके अलावा 400 अध्यापकों और 800 नन्हे छात्रों को होली से सुरक्षित निकाला गया है। जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार के लिए सबसे पहले मानवीय सरोकार हैं। गौर हो कि बारिश से हुए नुकसान के लिए राज्य सरकार अब तक 190 करोड़ जारी कर चुकी है। हिमाचल सरकार ने 15 सितंबर तक हुए नुकसान के रहात कार्यों के लिए 130 करोड़ जारी किए थे। हाल ही में तीन दिन की मची तबाही के लिए 30 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।रद पवार के साथ मिलकर एनसीपी का गठन करने वाले बिहार से सासंद तारिक अनवर ने पार्टी और लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. माना जा रहा है कि वो कांग्रेस में वापसी कर सकते हैं. 1999 में सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मु्द्दे पर कांग्रेस से बगवात कर शरद पवार के साथ मिलकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी  (एनसीपी) की नींव रखने वाले तारिक अनवर ने पार्टी को अलविदा कह दिया है. अनवर ने एनसीपी छोड़ने के साथ-साथ लोकसभा सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है.उच्चतम न्यायालय ने भीमा कोरेगांव से संबद्ध मामले में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी प्रकरण की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने संबंधी याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की खंडपीठ ने 2:1 का बहुमत का फैसला सुनाते हुए इतिहासकार रोमिला थापर, देवकी जैन, प्रभात पटनायक, सतीश देशपांडे और माजा दारुवाला की संयुक्त याचिका ठुकरा दी। न्यायमूर्ति खानविलकर ने खुद की तथा मुख्य न्यायाधीश की ओर से यह फैसला सुनाया, जबकि न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने असहमति का फैसला पढ़ा। न्यायमूर्ति खानविलकर ने अपने फैसले में कहा कि पांचों आरोपियों -सुधा भारद्वाज, गौतम नवलखा, वरवरा राव, वी गोंजाल्विस और अरुण फेरेरा- की गिरफ्तारी का मामला राजनीति विद्वेष से कतई जुड़ा नहीं है। उन्होंने आरोपियों की बजाय इष्ट मित्रों की ओर से याचिका दायर किये जाने पर भी सवाल उठाये और कहा कि गिरफ्तार आरोपियों ने एसआईटी जांच के लिए दरवाजा नहीं खटखटाया।  न्यायमूर्ति खानविलकर ने यह भी कहा कि आरोपी व्यक्ति यह चयन नहीं कर सकता कि मामले की जांच फलां एजेंसी करे, फलां नहीं। उन्होंने, हालांकि आरोपियों को फिलहाल चार हफ्ते और नजरबंद रखने का निर्देश देते हुए कहा कि इस बीच ये आरोपी अपनी जमानत के लिए उपयुक्त अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। न्यायालय ने महाराष्ट्र पुलिस को संबंधित मामले में आगे की जांच जारी रखने का भी निर्देश दिया।  न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने असहमति का अपना फैसला पढ़ते हुए कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी बगैर किसी आधार के हुई है। महाराष्ट्र पुलिस का रवैया पक्षपातपूर्ण है और उसकी जांच पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि इस मामले की जांच अदालत की निगरानी में एसआईटी से कराना अनिवार्य है। गौरतलब है कि 31 दिसंबर, 2017 को आयोजित एलगार परिषद की बैठक के बाद पुणे के भीमा-कोरेगांव में हुई हिंसा की घटना की जांच के सिलसिले में बीते 28 अगस्त को पुणे पुलिस ने माओवादियों से कथित संबंधों को लेकर उपरोक्त पांचों आरोपियों को गिरफ़्तार किया था, लेकिन इसके खिलाफ याचिकाकर्ताओं ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

Friday, September 14, 2018

ध्यक्ष सहित तीन पदों पर चिव पद पर एनएसयूआई के आकाश चौधरी विजयी

ष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने गुरूवार को दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के चुनाव परिणाम में अध्यक्ष समेत तीन पदों पर कब्जा कर लिया। कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई को केवल एक पद से संतोष करना पड़ा है। एबीवीपी की अंकिव बसोया ने 1744 मतों के अंतर से अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है। इसी संगठन के शक्ति सिंह को उपाध्यक्ष घोषित किया गया है। उन्होंने 7673 मतों के अंतर से जीत हासिल की है। एनएसयूआई के आकाश चौधरी सचिव पद पर जीतने में कामयाब रहे वहीं संयुक्त सचिव पद एबीवीपी की ज्योति को मिला है। 
इससे पहले दोपहर के वक्त ईवीएम में खराबी और छात्रों के भारी हंगामे के चलते मतगणना का काम स्थगित कर दिया गया था। जब वोटों की गिनती स्थगित की गई तब  के सन्नी छिल्लर अध्यक्ष पद पर और  के ही आकाश चौधरी सेक्रेटरी पद पर आगे चल रहे थे।  के सदस्यों ने काउंटिंग सेंटर के बाहर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि  अध्यक्ष पर पीछे चल रही है इसलिए प्रशासन रिजल्ट में छेड़छाड़ की कोशिश कर रहा है। चुनाव आयुक्त प्रो. वीके कौल ने कहा की अभी मतगणना स्थगित की जा रही है। हमने सभी संगठनों का ज्ञापन लिया है। मतगणना अगले आदेश तक स्थगित रहेगी।
  ने की मतगणना फिर से शुरू करने की मांग
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक  के शक्ति सिंह ने कहा कि सिर्फ एक   में खराबी थी, इसे रिपेयर किया जा सकता था। हम चाहते है कि काउंटिंग फिर से शुरू हो। हम जैसे ही सभी सीटों पर आगे हुए, अन्य पार्टियां फिर से चुनाव कराए जाने की मांग करने लगी।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक  के रॉकी तुसीद ने कहा कि ये चुनाव केंद्र सरकार की ओर से हो रहे हैं। ईवीएम के साथ छेड़खानी की गई है। हम फिर से चुनाव चाहते हैं। रारम्भिक रुझान में एनएसयूआई और एबीवीपी में अध्यक्ष पद पर टक्कर दिख रही थी। हालांकि, एनएसयू अध्यक्ष और सचिव के पद पर आगे चल रही है। बुधवार को हुए दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में तीन साल बाद मतदान का रिकॉर्ड टूटा। 43.8% छात्रों ने अपने वोट का इस्तेमाल किया। इससे पहले 2014 के डूसू चुनाव में 44.3 फीसदी मतदान हुआ था।ष्मीबाई कॉलेज में सबसे कम केवल13 फीसदी मतदान हुआ। डीयू में शुरू में सभी कॉलेजों में मतदान धीरे शुरू हुआ, लेकिन बाद में न केवल नार्थ कैंपस में बल्कि साउथ कैंपस के भी अधिकांश कॉलेजों में 35 फीसदी से अधिक वोटिंग हुई।
08:30 AM: 2014 में 44.3 फीसदी मत पड़े थे। हालांकि, यह भी कटु सत्य है कि पिछले 10-11 साल से डीयू 50 प्रतिशत मतदान के लिए तरस रहा है। चुनाव के मद्देनजर सुबह से ही कॉलेजों के बाहर काफी संख्या में छात्र-छात्राएं मतदान करने के लिए पहुंचने लगे थे। वहीं, चुनाव की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस के जवानों ने नॉर्थ कैंपस के अधिकतर रास्तों की बैरिकेडिंग कर रख थी।
08:00 AM:  ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया
छात्र संघ चुनाव में आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई सीवाईएसएस ने ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। सीवाईएसएस के प्रदेश महासचिव हरिओम प्रभाकर का आरोप है कि सीवाईएसएस-आईसा का पैनल कई जगह मशीनों में गलत पाया गया, जिसे सूचना मिलने के बाद ठीक कराया गया। उन्होंने बताया कि हमें सूचना मिली थी दयाल सिंह कॉलेज व लॉ फैकल्टी के कुछ पोलिंग स्टेशन में पैनल नंबर में गड़बड़ियां हैं। इसे बाद में ठीक कराया गया। उन्होंने दावा किया इस बार डूसू चुनाव में हमारा गठबंधन बड़ा उलटफेर कर सकता है। दोनों संगठनों ने घोषणा पत्र में यू-स्पेशल बस,मेट्रो किराया कम करवाने जैसे वादे शामिल हैं, जिसे हम पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
07:40 AM:  दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच कांटे का मुकाबला हो सकता है। सेंट्रल पैनल से पहले कॉलेजों के पैनल का रुझान बताता है कि दोनों संगठनों के बीच कड़ी टक्कर है। एबीवीपी की मीडिया समन्वयक मोनिका चौधरी ने दावा किया है कि 19 कॉलेजों के पैनल में अध्यक्ष सहित 71 सीटों पर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जीत दर्ज की है। उन्होंने कहा कि सोमवार देर शाम तक मिली जानकारी के अनुसार एबीवीपी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। हमें पूरा विश्वास है कि परिणाम भी एबीवीपी के पक्ष में होगा और डूसू में भी चारों सीटों पर हम विजय हासिल करेंगे। इतने कॉलेजों में एबीवीपीकी जीत इस बात का संकेत है कि एबीवीपी पर छात्रों का पूर्ण विश्वास है।.
07:30 AM:  एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने का कहना है कि डूसू चुनाव में बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया है। 20 से अधिक कॉलेजों में 75 से अधिक उम्मीदवार एनएसयूआई के जीते हैं और सेंट्रल पैनल की भी सभी सीटों के प्रबल दावेदार हैं।
07:00 AM:  सीवाईएसएस के दिल्ली महासचिव हरिओम प्रभाकर का कहना है कि हम बदलाव के लिए चुनाव में आए हैं और यह बदलाव इस चुनाव में दिखाई देगा। हमारे साथ छात्र एक स्वच्छ राजनीति के लिए जुड़े हैं और हमें मतदान किया है।

Thursday, September 6, 2018

«Wir werden vom Sekten-Chef terrorisiert»

Basel. Fatma Akin wirkt müde. Sie schlafe schlecht und seit Kurzem sei sie auch in psychiatrischer Behandlung. Der ewige Streit mit Scientologen in ihrem Haus gehe ihr langsam an die Substanz. Seit über neun Jahren wohnt das Ehepaar Hüseyin und Fatma Akin in einem sechsstöckigen Wohnhaus am Claraplatz. Das Paar werde notorisch von nächtlichen Klingelstreichen aus dem Schlaf gerissen. Es ertappe Scientologen im Treppenhaus dabei, wie sie ihre privaten Sachen durchwühlen und fotografieren. Zudem werde Fatma Akin vor ihrem Haus von den immer gleichen Scientologen belästigt. Sie würden ihr den Zugang zum Haus verwehren oder sie verbal angehen. Die kleine Frau wisse sich dagegen nicht zu wehren. «Ich verlasse das Haus nur noch mit Hüseyin zusammen», sagt Fatma Akin.
Doch weshalb wird ausgerechnet das Paar Akin vom «Poltergeist Scientology» heimgesucht? Die Eigentümerverhältnisse des Wohnhauses geben Aufschluss: Die Liegenschaft gehört dem Basler Scientology-Präsidenten Patrick Schnidrig, der mehrere Liegenschaften im Raum Basel besitzt. Darunter auch die Parzelle an der Burgfelderstrasse, wo die grösste Zentrale der Schweizer Scientology errichtet wurde. Seit Jahren betreibt die Sekte im ersten Stock in dem Haus am Claraplatz auch ein Büro. «Anfangs hatten wir ein sehr nettes Verhältnis mit Patrick Schnidrig», sagt Hüseyin Akin. Doch mit einigen grossen Umbauarbeiten im Haus und dem verstärkten Auftreten von Scientologen im und vor dem Haus sei die Lage eskaliert.
Fremde Hände in der Post
Das Hauptproblem der Akins mit den Sektenmitgliedern habe Anfang Jahr begonnen. «Aufgrund des Klingelterrors, haben wir eine Überwachungskamera am Hauseingang angebracht und da die Scientologen meine Frau bedrängten, zur Sicherheit auch eine bei der Haustüre», sagt Hüseyin Akin. Die Kamera vor dem Haus habe Schnidrig selber bewilligt, sie jedoch vor einigen Wochen wieder verboten.
Das Paar vermutete zudem, dass seine Stromrechnung künstlich in die Höhe getrieben wurde. Auf Nachfrage hätten die Industriellen Werke Basel denn auch bestätigt, dass der Strom für die Scientology-Werbefilme im Schaukasten vor dem Haus tatsächlich Akins berechnet worden sei. Schnidrig korrigierte und die Kosten halbierten sich.
Ein Fehler, der schnell behoben war, doch die Aufzeichnungen der Kameras bringen Schnidrig selbst in Erklärungsnot. Nicht als Immobilieneigentümer, sondern als Präsident von Scientology. Denn auf der Kamera sieht der Betrachter, wie zwei Scientologen, die sonst vor dem Haus missionieren, mit dem Lift in den dritten Stock fahren und die Schuhschränke des Paars durchwühlen und auch mal etwas mitgehen lassen. Ebenfalls sieht man vor dem Hauseingang, wie ein Mitarbeiter von Schnidrig die Briefkästen durchwühlt und sich die Post der Bewohner ansieht. Über seinen Chef lässt der Mitarbeiter mitteilen, dass er lediglich einen Hausschlüssel holen wollte, der von Scientology-Mitgliedern in den Briefkasten gelegt worden sei. Auf der Überwachungskamera sieht man, dass der Mitarbeiter gleich mehrere Kästen öffnet und deren Inhalt studiert.
Gängige Praxis
Auch der dort angestellte Hauswart, den man auf den Überwachungsbildern dabei sieht wie er die Schränke des Ehepaars Akin durchwühlt und diese fotografiert, ist Mitglied von Scientology. In einem E-Mail an das Ehepaar Akin bestreitet Schnidrig zuerst, dass sein Hauswart Mitglied der Sekte sei. Im Gespräch mit der BaZ räumt er dies jedoch ein, da man den Herrn des Öfteren beim Missionieren am Claraplatz trifft. «Er ist ebenfalls diplomierter Bauingenieur und schaute nach brennbarem Material in den Kästen. Diese sind gemäss Feuerschutzgesetz unberechtigt von Herr Akin dort angebracht worden», so Schnidirg.
Das Ausspionieren und Denunzieren von Menschen, die gegenüber Scientology kritisch eingestellt sind, ist eine gängige und systematische Praxis von Scientologen. Doch einfach klein beigeben will das Ehepaar Akin nicht. «Wir haben hier eine schöne Wohnung an günstiger Lage. Die wollen wir nicht aufgeben. Auch nicht wegen ein paar Scientologen.» Einen Rauswurf würde das Paar juristisch anfechten.